Sai Baba ki Aarti - साईं बाबा की आरती

आरती उतारे हम तुम्हारी साई बाबा ।
चरणों के तेरे हम पुजारी साईं बाबा ॥
विद्या बल बुद्धि, बन्धु माता पिता हो
तन मन धन प्राण, तुम ही सखा हो
हे जगदाता अवतारे, साईं  बाबा ।
आरती उतारे हम तुम्हारी साई बाबा ॥

ब्रह्म के सगुण अवतार तुम स्वामी
ज्ञानी दयावान प्रभु अंतरयामी
सुन लो विनती हमारी साईं  बाबा ।
आरती उतारे हम तुम्हारी साईं  बाबा ॥

आदि हो अनंत त्रिगुणात्मक मूर्ति
सिंधु करुणा के हो उद्धारक मूर्ति
शिरडी के संत चमत्कारी साईं  बाबा ।
आरती उतारे हम तुम्हारी साईं  बाबा ॥

भक्तों की खातिर, जनम लिये तुम
प्रेम ज्ञान सत्य स्नेह, मरम दिये तुम
दुखिया जनों के हितकारी साईं  बाबा ।
आरती उतारे हम तुम्हारी साईं  बाबा ॥

आज वीरवार का यह दिन विशेष रुप से साईं बाबा के लिए विशेष मायने रखता है. साईं बाबा के लिए धार्मिक एकता का विशेष महत्व था और वे इंसानियत को ही अपना धर्म मानते थे. साईं बाबा ने हमेशा से ही अपने आप को एक आम इंसान बताया. उनका मत था कि भगवान एक है और हम उसे अलग-अलग रुपों में देखते हैं.

साईं बाबा की पूजा करने के लिए वीरवार का दिन खास माना जाता है. आप भी वीरवार को साईं बाबा की पूजा कर उनकी आराधना और भक्ति का आनंद लीजिए.